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चंदौली केंद्र व प्रदेश सरकार गांवो की तस्वीर बदलने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही हैं।ग्राम पंचायतों को गांव के विकास के लिए बजट के साथ ही सुबिधायें बढ़ाने पर जोर दे रही हैं।सरकार के इस प्रयास को गांवों की ओर जाने वाली सड़कें अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है।
जब कि सड़क ही बयां करती है गांव की विकास सड़क पर लगा पानी उखड़ी गिट्टियां व जानलेवा बड़े - बड़े गड्ढे आने जाने वाले ग्रामीणों राहगीरों को दर्द से कराहने को मजबूर कर रही हैं।आलम यह है कि गड्ढे में तब्दील हो चुकी सड़कों पर चलना इन बरसात के दिनों जान पर जोखिम भरा हैं।जरा सी नजर भटकी तो दुर्घटना निश्चित है।
सड़कों की जर्जर हालत,उखड़ी गिट्टियां तथा बड़े बड़े गड्ढों में आखिर कब तक ग्रामीण हिचकोले खाते रहेंगे। लेकिन इस समस्या से कब मुक्ति मिलेगी।जी हां सड़कों की जर्जर हालत व विभाग की उदासीनता देखनी है
तो क्षेत्र के रामगढ़ वरिया, सराय रसुलपुर बैराठ बाबा कीनाराम धाम जाने वाले मार्ग, लक्ष्मणगढ़ रामगढ़ जाने वाले मार्ग मारुफपुर वाया नैढ़ी नादी निधौरा, रामगढ़ चहनिया ब्लाक मुख्यालय वाया पीडीडीयू नगर, सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों को जाने वाले मुख्य मार्ग पर एक बार चले आइए।सड़कों की हालत की स्थिति खुदबखुद विकास की पोल खोल देंगी गांव के ग्रामीण उक्त मार्ग से होकर ही
तहसील,रेलवे स्टेशन सहित जिला मुख्यालय सहित अन्य जनपदों में जाते-आते है। सबसे बड़ी बिड्म्बना तब होती की अगर सड़क दुघर्टना में घायलों को व प्रसव पीड़ा करने वाली महिलाओं को चंदौली जिला चिकित्सालय जाने वालो बहुत ही परेशानी उठानी पड़ती है। साथ ही साइकिल से स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राए आये दिन गिर कर चोटिल होते हैं।सड़कों की दुर्दशा को लेकर ग्रामीणभाजपा सरकार से काफी नाराज़ हैं।स्थिति यह है
भी गावों की ज्यादातर सड़कें अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही हैं।गिट्टी उखड़ जाने से सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।कहीं जगहों सड़क पर पानी लगने से पैदल चलना भी मुश्किलों भरा है।खराब सड़कों के कारण आये दिन आने जाने वाले राहगीर गिर कर चोटिल होते है।दिन में तो ग्रामीण बच बचा कर किसी तरह निकल लेते है।
लेकिन सूर्यास्त होने के बाद रात के अंधेरे में ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है।ग्रामीणों ने कई बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों सहित संबंधित विभाग के अधिकारियों से मार्ग मरम्मत की गुहार लगाई। लेकिन हर जगह से केवल लोगों को सिर्फ जुठा आश्वासन मिलता है।
रिपोर्ट अलीम हाशमी